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Dilo Ki Mithas-दिलो की मिठास

Dilo Ki Mithas

दिलो की मिठास

जब चाय में मिठास, थोड़ी कम पाई ☕️

तब तेरे लबों की, बहोत याद आई… 👄

रिश्तों में सदा प्यार की मिठास रहे !
कभी न मिटने वाला एक एहसास रहे !
कहने को तो छोटी सी है यह जिंदगी !
मगर दुआ है कि सदा आपका साथ रहे !!

अजीब मिठास है मुझ गरीब के खून में भी,
जिसे भी मौका मिलता है वो पीता जरुर है

हर रिश्ते में मिठास होगी
शर्त बस सिर्फ इतनी सी है कि शरारतें करो साज़िशे नहीं.

बड़ा मिठा नशा है तेरी याद का …..
वक़्त गुजरता गया और हम आदी होते गए।।।

है दर्द सीने में मगर होंठों पे जज़्बात नहीं आते ,
आखिर क्यों वापिस वो बीते हुए लम्हात नहीं आते !

आपकी लाइफ में मिठास हो कैडबरी जैसी,
रौनक हो नेरोलक पेंट जैसी, दिल में अभिषेक हो प्यार जैसी,
महक हो परफ्यूम जैसी, ताजगी हो बबूल जैसी,
और टेंशन फ्री हो हगीईज जैसी।

मोहब्बतों में बहुत रस भी है मिठास भी है
हमारे जीने की बस इक यही असास भी है

कभी तो क़ुर्ब से भी फ़ासले नहीं मिटते
गो एक उम्र से वो शख़्स मेरे पास भी है

किसी के आने का मौसम किसी के जाने का
ये दिल कि ख़ुश भी है लेकिन बहुत उदास भी है

बदन के शहर में आबाद इक दरिंदा है
अगरचे देखने में कितना ख़ुश-लिबास भी है

ये जानते हैं कि सब थक के गिर पड़ेंगे कहीं
शिकस्ता लोगों में जीने की कितनी आस भी है

वो उस का अपना ही अंदाज़ है बयाँ का ‘अमान’
हर एक हुक्म पे कहता है इल्तिमास भी है